पहले जीजा को दूध में मिलाकर दी नींद की गोलियां, फिर गला घोंटकर किया मर्डर

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बहन को छोड़ने का बदला लेना चाहता था साला, भांजे संग मिलकर दिया घटना को अंजाम

मोरिंडा के गांव माजरी में रहने वाले 42 साल के वाइन कॉन्ट्रैक्टर राजिंदर सिंह की स्विफट कार 23 जुलाई को गांव रैणी के पास नहर किनारे मिली। पुलिस को कार से पंजाबी में लिखे चार पेज के सुसाइड नोट की फोटो कॉपी मिली। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नहर में तलाश की, लेकिन शव नहीं मिला। पुलिस ने इसे सुसाइड मानकर 174 की कार्रवाई कर दी, लेकिन बुजुर्ग पिता ज्ञान सिंह को यह बात खटकी कि बेटा राजिंदर 22 जुलाई की रात से गाड़ी समेत लापता था। सारा परिवार और दोस्त उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन बेटे की पत्नी, बेटा और उसके ससुराल से कोई तलाश करने नहीं आया।

शक के आधार पर उन्होंने एसएसपी रोपड़ को शिकायत दी। जांच सीआईए-2 इंचार्ज अमरवीर को दी गई। अमरवीर मृतक राजिंदर के साले जतिंदर पाल सिंह व 17 साल के बेटे को बयान देने के लिए बुला रहे थे पर वो आ नहीं रहे थे। पुलिस उन्हें लेने गई तो दोनों गायब हो गए। सीआईए की रिपोर्ट पर मोरिंडा पुिलस ने जतिंदर और बेटे के खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद दोनों को पकड़ा गया तो बेटे ने मामा से मिलकर पिता के मर्डर की बात कबूल ली।

ऐसे किया मर्डर:

नाबालिग बेटे ने पुलिस को बताया कि उसने मामा जतिंदर का पिता के मर्डर में साथ दिया, क्योंकि पिता उसकी मां को छोड़ चुके थे। पिछले पांच महीनों से भाई-बहन अपनी मां के साथ मामा के पास रह रहे थे। 22 जुलाई को बेटे ने मामा द्वारा दी गई नींद की गोलियां पिता को दूध में मिलाकर पिलाई। उनके सोने पर मामा जतिंदर जीरकपुर के गांव डाडी के पाला खान के साथ घर में आए और तीनों ने गला घोंटकर राजिंदर का मर्डर कर दिया। शव कार में रखकर सिंहपुरा एरिया में पथरेड़ी जट्‌टां के पास नहर में फेंक दिया। फिर गाड़ी को मोरिंडा के गांव रैणी के पास नहर किनारे पार्क कर दिया।

प्लानिंग के तहत बेटा चार दिन पहले गया था पिता के पास रहने 

डीएसपी नवरीत सिंह विर्क ने बताया कि मर्डर से करीब चार दिन पहले ही बेटा अपने पिता राजिंदर के पास गांव माजरी रहने आया था। राजिंदर के बेला व फतेहगढ़ साहब में पार्टनरशिप में तीन चार शराब के ठेके हैं। इससे चंद दिन पहले बेटी भी पिता के पास आई थी, लेकिन मामा उसको आकर ले गया था। जब 23 जुलाई को राजिंदर की गाड़ी नहर किनारे मिली तो सभी उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन ससुराल साइड का कोई नहीं आया था। न ही साल, न बेटा और न पत्नी। जिससे राजिंदर के बुजुर्ग पिता ज्ञान सिंह को शह हुआ और उन्होंने रोपड़ एसएसपी को मर्डर की शिकायत दी।

सुसाइड नोट नहीं सिर्फ पत्नी को लिखा लेटर था… 
जो नोट पुलिस को गाड़ी से मिला वो सुसाइड नोट नहीं, सिर्फ वह लेटर था जो राजिंदर ने अपनी पत्नी को लिखा था। उन्होंने पत्नी करमजीत को 21 जुलाई को वॉट्सएप पर मैसेज भेजा था कि 18 साल हो गए शादी को, तुम्हें सभी सुख सुविधाएं दीं। लेकिन ऐसा लगता है कि हम अच्छे दंपती नहीं बन सके। न मुझे अच्छी गृहिणी मिली और शायद न तुम्हें अच्छा पति। मेरे बच्चों का क्या होगा। उनसे कौन शादी करेगा। तुम मुझे छोड़ गई। बैठकर बात करती। शायद हल निकल आता। वह नोट इसी की कॉपी था। पुलिस इसी को सुसाइड नोट मानती रही, जबकि वह लेटर राजिंदर ने अपनी पत्नी को निराशा में लिखा था।

बेटे को पकड़ा तो उसने मर्डर की कहानी बयां कर दी
पुलिस ने मृतक के नाबालिग बेटे व साले जतिंदर पाल को पकड़कर जेल भेज दिया। पाला खान को पकड़ना बाकी है। राजिंदर ने अपनी पत्नी को एक नोट लिखा था, आरोपियों ने उसे आधार बनाकर उसकी फोटाे कॉपी गाड़ी में रखवाकर शो करना चाहा कि सुसाइड किया है।

 

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