हिसार के अर्बन एस्टेट में गैंगवार में गोली मारकर युवक की हत्या करने के 23 दोषियों को उम्रकैद

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साढ़े 6 साल पहले गुर्जर गुट ने पुलिस के सामने ही दिया था वारदात को अंजाम

हिसार.गैंगवार में गोली मारकर युवक की हत्या करने के 23 दोषियों को सोमवार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. पंकज की अदालत ने इन पर 1.73 लाख रु. जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। एक दोषी मोगली की सजा को होल्ड रखा है। वह दोषी करार देने के वक्त गैरहाजिर था। गिरफ्तारी के बाद ही उसे सजा सुनाई जाएगी। कुल 36 आरोपियों में से 11 को बरी कर दिया था। एक नाबालिग आरोपी का केस जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है। गैंगवार के चलते हिसार में करीब साढ़े छह साल पहले सुरेंद्र गुर्जर गुट ने समुंद्र बिसला गुट के चानौत गांव निवासी संदीप की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बिसला परिवार पुलिस सुरक्षा के साये में है।

पुलिस ने 3-3 दोषियों को पेश किया:गुर्जर गुट के सैकड़ों लोग कोर्ट परिसर के आसपास रहे। इसे देखते हुए पुलिस अलर्ट रही। पुलिसकर्मी लाइट मशीन गन के साथ भी मोर्चा संभाले रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने एक साथ के बजाय, 3-3 दोषियों को अदालत में पेश किया।

इन धाराओं में सजा :आईपीसी की धारा 302, 149 में 23 दोषियों को उम्रकैद, 1.15 लाख जुर्माना। धारा 148 में 23 दोषियों को एक साल कैद। धारा 307 में 23 दोषियों को 10 साल कैद, कुल 46,000 जुर्माना। आर्म्स एक्ट की धारा 27 में 6 दोषियों को 7 साल कैद, कुल 12,000 जुर्माना। आर्म्स एक्ट की धारा 30 में 2 दोषियों को 6 माह की कैद।

इन्हें हुई उम्रकैद :महेंद्र, शमशेर, नरपेंद्र, कपिल, शीलू, जितेंद्र, लवकुश, मुकेश, रामअवतार, राजेंद्र, नितेश, बलजीत, संदीप, राकेश, साहिल, कर्ण, चाप सिंह, चेतन, अनुरोध, शिबु, जसवंत, मोनू, सुरेंद्र उर्फ छिंदी।

बिसला और गुर्जर गुट के बीच आधे घंटे तक हुई थी फायरिंग:समुंद्र बिसला व सुरेंद्र गुर्जर गुट के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। 30 दिसंबर 2012 को दोपहर साढ़े 12 बजे गुर्जर गुट के गुर्गों ने बिसला के अर्बन एस्टेट स्थित घर के बाहर आकर अपशब्द बोले और लगातार हॉर्न बजाया। एक बजे समुुंद्र, अपने भाई विक्रम और मां रिसाली देवी के साथ डीसी काॅलोनी स्थित सुरेंद्र गुर्जर के मकान पर उलाहना देने गए। वहां से लौटने के करीब डेढ़ घंटे बाद सुरेंद्र गुर्जर अपने साथियों को लेकर बिसला के घर के बाहर आ गया। ये घातक हथियारों से लैस थे। दोनों गुटों में आधे घंटे तक फायरिंग व पथराव हुआ। गुर्जर गुट की गोली से बिसला गुट के चानौत निवासी संदीप की मौत हो गई। पूरी घटना पुलिस की आंखों के सामने हुई थी। पुलिस ने गुर्जर गुट के 36 लोगों पर केस दर्ज किया था। कोर्ट में पीड़ित पक्ष की तरफ से एडवोकेट संजय सिंह ने पैरवी की। सुनवाई के दाैरान कई गवाह बयान से मुकरे, लेकिन समुंद्र व उसका भाई विक्रम आखिर तक डटे रहे।

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